Monday, March 24, 2014

डायरी

तेरे मेरे ना जाने कितने किस्से हैं,
और तेरी मेरी अनगिनत यादें है.
सफ़ेद पन्नों पर काली स्याही में,
छोटीसी डायरी में सुंदर लिखाई में,
मैंने उन्हे संभाल के रखा है
मैंने उन्हे नज़्म बना, रखा है.

हर साल खुद ही को पढ़ता हूँ वो नज़्मे
और ना चाह कर भी एक आध आँसू ,
आखों से, कागज पर उमड़ ही पड़ता हैं.
वो कंबखत स्याही घुला ले जाता हैं,
और मेरी नज़्म जो कभी पूरी थी,
अब बेवजह अधूरी रेह जाती है.

ऐसे कई साल हो गए हैं,
की अब देखूँ तो लगता है
पन्ने पीले पड़ने लगे हैं.
काली स्याही भी धीरे धीरे,
हल्के हल्के, फीकी पड रही है
और स्याही के साथ नज़्म भी.

सोचता हूँ, ये डायरियाँ कबाड़ में दे आऊँ,
नहीं, उन पैसों की फिक्र नहीं और ना जरूरत हैं,
बस सोचता हूँ बोझ हल्का हो लेगा.
सब समेट गया तो था मैं कबाड़ी के पास,
वो बोला साब, नज़्मों का कोई मोल नहीं होता
और यादों को साब, कोई नाप कोई तोल नहीं होता.

बोझ लिये फिर लौट आया मैं भारी भारी कदमों से,
चाह कर भी पीछा छुड़ा ना पाया उन यादों-नज़्मों से.   

कल जब ना तुम होगी और ना मैं रहूँगा,
कोई इन पीले मुरझाए बुजुर्ग पन्नों की,
उम्र बता कर कहेगा, यहाँ कुछ हुआ तो था .
पर अधूरीफीकी, उजड़ी नज़्मों का,
शायाद मतलब नहीं लगा पाएगा,
की गर कुछ हुआ था, तो क्या हुआ था?  

मैं और तुम दूर बैठे कहीं, इन पहेलियों पे थोडसा मुस्कुराएंगे
आखें मिलाये, धीमी सासों में धीरेधीरे कहेंगे और दोहराएंगे 
"ना जाने कितनी हैं अनकही अनसूनी, तेरे मेरी कहानियाँ,
कई किस्सों की अधूरी नज़्मे हैं और उनकी अधूरी हैं डायरियाँ!"

- प्रतीक  
10/3/2014 


The idea for this poem, 'peele panne' or paper turning yellow over time came to me when I observed that some of the pages or 'foolscap' that I had written my poems on 8-9 years ago had started turning yellow. I found that concept very very interesting that with the pages wilting and turning yellow, the memories are fading away as well. I tried to explore that fading and wilting away in this poem. There is a lot more to explore in that concept and there definitely is another poem to be written. 


Some poems just happen on their own, this one happened on a bus ride back home. I read this poem to out to myself, as I was composing it in my head and then just typed it out before I forgot what I had said. Hope you all like it, let me know what you feel in the comments below.